राहुल के वादे अगर नहीं हुए पूरे, तो……..

राहुल गांधी ने पिछले दिनों जो ‘जन आवाज’ घोषणा पत्र जारी किया था, उसका लोकसभा चुनाव में कुछ न कुछ असर जरूर होगा। राहुल ने अपने घोषणा पत्र में जो 52 वादे किए हैं और उन्होंने दावा किया है कि हम जो घोषणाएं कर रहे है उनको पूरा करेंगे, यह भी कहा कि कोई ऐसे वादे नहीं किये जिसे पूरा न किया जा सके। इतनी बड़ी घोषणाएं करना कोई आम बात नहीं लेकिन यदि कांग्रेस की सरकार बनती है और राहुल अपने वादों में खरे नहीं उतरते तो नरेन्द्र मोदी के 15 लाख रुपये खाते में देने वाले घोषणा की तरह कोई भी बड़ा वादा फेल हुआ तो राहुल गांधी की नरेन्द्र मोदी से ज्यादा फजीहत हो जायेगी।

वैसे तो राहुल गांधी ने गरीब और किसानों के साथ नौजवानों को नौकरी देने का वादा कर दिया। इतना ही नहीं एनडीए सरकार की कई योजनाओं को बदलने का भी ऐलान कर दिया। राहुल गांधी ने पिछले दिनों जो ‘जन आवाज’ घोषणा पत्र जारी किया था, उसका लोकसभा चुनाव में कुछ न कुछ असर जरूर होगा। राहुल ने अपने घोषणा पत्र में जो 52 वादे किए हैं और उन्होंने दावा किया है कि हम जो घोषणाएं कर रहे है उनको पूरा करेंगे, यह भी कहा कि कोई ऐसे वादे नहीं किये जिसे पूरा न किया जा सके।

नागरिकता संशोधन विधेयक

इतना ही नहीं धारा 124ए देशद्रोह कानून को खत्म करने का ऐलान कर दिया साथ ही धारा 499 को हटाकर मानहानि को दिवानी अपराध बनाने का वादा कर दिया। भाजपा सरकार ने जो नागरिकता संशोधन विधेयक लाया था उसे तुरंत वापस लेने का भी फैसला ले लिया।  कश्मीरियों को साधने के लिए धारा 370 को न बदलने का भी दावा किया। क्यों कि भाजपा सरकार जम्मू-कश्मीर से धारा 370 और 35ए को खत्म करना चाहती है। इसका काफी विरोध भी हो रहा था। आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर एक्ट (अफस्पा) में भी बदलाव का वादा कर रही है।

वक्फ संपत्तियों

मुस्लिमों को साधने के लिए राहुल गांधी ने वक्फ संपत्तियों (अनधिकृत कब्जाधारियों की बेदखली) विधेयक, 2014 को फिर से पेश करने का ऐलान किया और यह कहा कि इसे फिर से पारित किया जायेगा एवं वक्फ संपत्तियों पर कानूनी ट्रस्टियों का अधिकार बहाल किया जायेगा। दिल्लीवालों को साधने के लिए दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की घोषणा कर दी।

कांग्रेस ने जमीनी हकीकत और किसानों, गरीबों की जरूरत के बजाये घोषणा पत्र को आकर्षक बनाया। इसमें कई ऐसी चीजें हैं जिसमें विरोधाभास नजर आ रहा है। राहुल ने केंद्र सरकार की विदेश नीति को राष्ट्रहित के लिए खिलवाड़ बताया और कहा कि हम देश के लिए इस प्रकार की हानिकारक नीतियों और घटनाओं को बदलकर नये सिरे से विदेश नीति विशेषज्ञों पर विश्वास दोहरायेंगे। सीमाओं को सुरक्षित बनायेंगे। राहुल गांधी ने बेरोजगारी के लिए मोदी सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पाँच साल में सबसे ज्यादा बेरोजगारी बढ़ी है।

22 लाख सरकारी पद खाली पड़े है जो हम 2020 तक भर देंगे और पंचायती राज में 10 लाख पद खाली पड़े हैं जिसमें युवाओं को नौकरी देंगे। राहुल गांधी यदि किसानों को बेहतर सुविधा देने की बात करते तो कुछ और बात थी क्योंकि खेती और किसानों को बेहतर सुविधा और उर्वरक, पानी, बिजली, मण्डी, भण्डारण जैसी सुविधाएं मुहैया कराने की बात करनी चाहिये थी। सबसे बड़ी बात यह है कि सिर्फ कर्जमाफी या 72 हजार रुपये सालाना देने से ही गरीब किसानों को राहत नहीं मिल सकती। किसान खेती छोड़ किसी अन्य व्यवसाय की ओर जाने लगेगा। समय की मांग है कि बिचौलियों की जगह किसानों को बेहतर मूल्य मिलना चाहिये। अपने आप उनकी समस्याएं दूर हो जायेंगी।

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